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हिमाचल पंचायत चुनाव: 49 नगर परिषद व नगर पंचायतों का आरक्षण रोस्टर जारी, नगर निगमों का एक सप्‍ताह तक

49 नगर परिषद और नगर पंचायतों का आरक्षण रोस्टर जारी
चार नगर निगमों का रोस्टर एक हफ्ते में होगा जारी
पंचायत चुनाव अधिसूचना अप्रैल के तीसरे हफ्ते के अंत में संभव



शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य सरकार ने 49 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है, जिससे संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें चार प्रमुख नगर निगमों के रोस्टर पर टिकी हैं, जिन्हें सरकार ने एक सप्ताह के भीतर जारी करने की बात कही है।

जारी रोस्टर के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए 10 निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें से पांच सीटें एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई हैं। एससी महिला वर्ग में ऊना का दौलतपुर, चंबा नगर परिषद, कुल्लू का बंजार, बिलासपुर नगर परिषद और मंडी का सुंदरनगर शामिल हैं। वहीं एससी वर्ग के अन्य आरक्षित निकायों में मेहतपुर बसदेहड़ा, नगरोटा बगवां, घुमारवीं, रोहड़ू और चिड़गांव को शामिल किया गया है।

इसके अलावा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए केवल एक निकाय आरक्षित किया गया है, जिसमें कांगड़ा का शाहपुर शामिल है। वहीं सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 11 निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें निरमंड, अर्की, ज्वालामुखी, कंडाघाट, संतोषगढ़, अंब, गगरेट, कुल्लू, नूरपुर, ठियोग और टाहलीवाल शामिल हैं।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव की अधिसूचना 20 अप्रैल के बाद, यानी अप्रैल के तीसरे हफ्ते के अंत में जारी हो सकती है। संभावना है कि प्रदेश में ये चुनाव तीन चरणों में कराए जाएं।

सरकार को 7 अप्रैल तक रोस्टर फाइनल करना है। साथ ही, 1 अप्रैल तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। इन सूचियों के अपडेट की प्रक्रिया करीब 19 से 20 दिन तक चलेगी, जिसके चलते अधिसूचना में स्वाभाविक देरी मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोस्टर जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी सरगर्मियां तेज होंगी और दावेदारों की रणनीति अब सीट आरक्षण के हिसाब से तय होगी।